On this occasion said that to celebrate Mahatma Gandhi’s 150th Birth Anniversary, we will organize 24 conferences in the country and abroad, which will conclude at the United Nations headquarters in New York. Through these conferences, we will spread the ideology and teachings of Mahatma Gandhi to the masses. It is our aim to create a violence-free society by adopting his principles.

Today there is a need to understand religion and spirituality in the right context. There is a need to connect religion and spirituality with social service and make it a medium to eradicate social evils. Spirituality is deeply related to the development of society and humanity. The President and Prime Minister are trying to make India World Guru. Creating a healthy society is necessary to make our country a Global Guru.

It was also Mahatma Gandhi’s dream to create a balanced and healthy society. To develop a balanced and healthy society we should pay attention to cleanliness, save water, adopt a plastic-free lifestyle and as Prime Minister Modi says, pay attention to Fit India. On this occasion, Acharya Lokesh presented the first copy of the Ahimsa Vishwa Bharati journal Aahwaan to the President and presented the humanistic work being carried out by the organization.

Union Minister Dr. Thawar Chand Gehlot said that adopting the ideology of Mahatma Gandhi would be a true tribute to him. On this occasion, when we are celebrating Bapu’s 150th birth anniversary, we are dedicating an open defecation free India, we will start a mass movement against plastic in the country. Many brother and sister shopkeepers are writing in their shops that the customer should come with his bag. This will save money and they will also be able to contribute to protecting the environment. Make a special Shramdaan (service to humanity) on Mahatma Gandhi Jayanti so that this year becomes a celebration of Shramdaan.

was honored by Mr. Abhay Kumar Jain and Mr. Ganpat Chaudhary with a shawl, Dr. Ajit Gupta and Mr. Karamjit Dhaliwal presented the memento to him. Mr. Subhash Oswal, Mr. Raj Kumar Jain, Mr. Manoj Jain, Mr. Mahavir Goyal, Mr. Anand Sahu, Mrs. Vidya Chhabra, Mr. Veer Jain, Mr. Heena Jain, Mrs. Kenu Agarwal, Mr. Bhavya Shrivastava, Mr. Prem Prakash Gupta, Mr. Karan Kapoor, Mr. Vineet Kumar, Yogacharya Kundan gave full support for the success of the program. Many distinguished people and different parts of the country and from abroad attended the seminar. The stage was conducted by Mr. Sajan Shah and Ms. Tarakeswari Mishra. The program was begun and ended with the national anthem was sung by D. Goenka School students. Children of Hiralal Jain Senior Secondary School presented the Anuvrat song.

राष्ट्रपति ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर दिल्ली में आयोजित

नभारत के राष्ट्रपति माननीय श्री राम नाथ कोविंद ने महात्मा गांधी की 150 वीं जन्म जयंती के अवसर पर अपने प्रथम सम्बोधन में कहा कि देश के सम्पूर्ण विकास के लिए सभी वर्गों का समानान्तर विकास आवश्यक है| राष्ट्रपति, अहिंसा विश्व भारती संस्था के संस्थापक आचार्य डा. लोकेश के सन्निधि मे आयोजित ‘अध्यात्म द्वारा समाज और मानवता का उत्थान’ सम्मेलन को जनपथ स्थित डा. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर में संबोधित कर रहे थे | सामाजिक न्याय और अधिकारिता के केंद्रीय मंत्री डा. थावरचंद गहलोत ने भाग लिया |

राष्ट्रपति कोविन्द ने सभागार मे उपस्थित देश विदेश से पधारे विशिष्ठ लोगो से भरे विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुये कहा कि अध्यात्म के मार्ग पर सभी मनुष्य बराबर है | महात्मा गांधी ने भी सभी वर्गों के विकास की बात की | गांधी जी ने किसानों की सेवा की जिनके साथ चम्पारण में भेद-भाव हो रहा था। उन मिल मजदूरों की सेवा की जिन्हें उचित मजदूरी नहीं मिल रही थी, गांधी जी ने ग़रीब, बेसहारा और कमजोर लोगों की सेवा को अपने जीवन का परम कर्तव्य माना | सत्य के साथ, गांधी जी का जितना अटूट नाता रहा है, सेवा के साथ भी उतना ही अनन्य अटूट नाता रहा है | महात्मा गाँधी, अनगिनत भारतीयों की तो आवाज बने ही, लेकिन, मानव मूल्य और मानव गरिमा के लिए, एक प्रकार से वे विश्व की आवाज बन गये थे | उन्होंने ना केवल सेवा पर बल दिया बल्कि उसके साथ जुड़े आत्म-सुख पर भी जोर दिया | राष्ट्रपति ने आचार्य लोकेश को बधाई दी कि अहिंसा विश्व भारती संस्था के माध्यम से वो अध्यात्म को समाज सेवा से जोड़कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे है |

आचार्य लोकेश ने इस अवसर पर कहा कि महात्मा गांधी को समर्पित इस वर्ष में हम देश विदेश में 24 सम्मेलनों का आयोजन करेंगे, जिसका समापन न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय पर होगा| सम्मेलनों के माध्यम से महात्मा गांधी की विचारधारा और शिक्षाओं को पुन: जागृत कर जन जन तक पहुंचाएंगे | उनकी शिक्षाओं को अपनाकर हिंसा मुक्त समाज की संरचना करना हमारा उद्देश्य है | आज हमे धर्म व अध्यात्म को सही परिपेक्ष मे समझने की जरूरत है | आवश्यकता है धर्म को अध्यात्म से जोड़े, उसे समाज सेवा से जोड़े, उसे सामाजिक कुरीतियों को मिटाने का माध्यम बनाए | अध्यात्म का समाज एवं मानवता के उत्थान से बहुत गहरा संबंध है | देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में प्रयत्नशील हैं | देश को विश्व गुरु बनाने के लिए स्वस्थ समाज की संरचना आवश्यक है | स्वस्थ और संतुलित समाज की संरचना महात्मा गांधी का भी सपना था | स्वस्थ समाज की संरचना के लिए आवश्यक है हम स्वच्छता की ओर ध्यान दे, पानी को बचाए, प्लास्टिक मुक्त जीवन शैली अपनाए और जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी कहते है फिट इंडिया कि ओर ध्यान दें | इस अवसर पर आचार्य लोकेश ने अहिंसा विश्व भारती संस्था द्वारा चलाये जा रहे मानववादी कार्यों का लेखा जोखा प्रस्तुत करते हुये संस्था की पत्रिका आह्वान की प्रथम प्रति राष्ट्रपति को भेंट की |

केंद्रीय मंत्री डा. थावर चंद गहलोत ने कहा कि महात्मा गांधी की विचारधारा को अपनाना ही उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी | जब बापू की 150वीं जयंती माना रहे है तो इस अवसर पर हम उन्हें न केवल खुले में शौच से मुक्त भारत समर्पित कर रहे है बल्कि उस दिन पूरे देश में प्लास्टिक के खिलाफ एक नए जन-आंदोलन की नींव रखेंगे | कई व्यापारी भाइयों-बहनों ने दुकान में एक तख्ती लगा दी है, जिस पर यह लिखा है कि ग्राहक अपना थैला साथ ले करके ही आयें | इससे पैसा भी बचेगा और पर्यावरण की रक्षा में वे अपना योगदान भी दे पायेंगे| महात्मा गांधी जयंती का दिन एक विशेष श्रमदान करें ताकि यह वर्ष एक श्रमदान का उत्सव बन जाए |

राष्ट्रपति का सम्मान श्री अभय कुमार जैन एवं श्री गनपत चौधरी ने शाल के द्वारा एवं डा. अजीत गुप्ता एवं श्री करमजीत धालीवाल ने प्रतीक चिन्ह भेंट कर किया | सम्मेलन के सफल आयोजन में अमेरिका से श्री सुभाष ओसवाल, श्री राज कुमार जैन, श्री मनोज जैन, श्री महावीर गोयल, श्री आनंद साहू, श्रीमती विद्या छाबरा, श्री वीर जैन, श्रीमती हीना जैन, श्रीमति केनु अग्रवाल, श्री भव्य श्रीवास्तव, श्री प्रेम प्रकाश गुप्ता, श्री कर्ण कपूर, श्री विनीत कुमार, योगाचार्य कूंदन ने पूर्ण सहयोग दिया | देश के कोने कोने से ही नहीं बल्कि विदेश से भी सम्मेलन मे भाग लेने के लिए अनेक विशिष्ठ लोगो पधारे हैं | मंच संचालन श्री साजन शाह और सुश्री तारकेशवरी मिश्रा ने किया | कार्यक्रम का शुभारंभ एवं समापन जी. डी. गोयनका स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा राष्ट्रगान से हुआ | हीरालाल जैन सीनियर सेकण्डरी स्कूल के बच्चों ने अनुव्रत गीत प्रस्तुत किया |

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